आपातकाल के दौरान गुना के कन्हैयालाल रजक ने जेल में यातनाएं झेलीं, लेकिन अपने विचारों से समझौता नहीं किया। पढ़िए संघर्ष, भूख और लोकतंत्र की यह मार्मिक कहानी।
स्वदेश डेस्क
2026-05-02 10:51:48
1975 के आपातकाल में भोपाल के छात्र अरुण पालनीकर ने इंजीनियरिंग छोड़ लोकतंत्र की लड़ाई लड़ी। जानिए जेल और संघर्ष की उनकी कहानी।
2026-04-25 09:01:30
आपातकाल के दौरान भोपाल के अरुण कुलकर्णी ने ‘हर्बल मिट्टी’ बेचकर गुप्त संदेश पहुंचाए और लोकतंत्र की लड़ाई को जीवित रखा। जानिए उनकी कहानी।
2026-03-28 12:10:24